योजनाएँ

ग्राम पंचायत के द्वारा गाँवों में सरकार द्वारा चलाई जा रही मनरेगा योजना इस योजना के तहत 400 से 500 लोगों के जॉब कार्ड बने है, और लगभग 100 से 150 लोगों को प्रति दिन कम मिल रहा है| इसके अलावा ग्राम में वृधा पेंसन, विकलांग पेंसन, एवं कन्या विवाह योजनाएँ आदि चल रही है| अभी राज्य सरकार के द्वारा महामाया योजना लागू हुई है जिसके अंतर्गत 200 फॉर्म भरे गये है|

विकास कार्य:
ग्राम पंचायत के द्वारा गाँवों में प्रधान जी ने पक्की नली, नाला निर्माण, कच्ची पक्की सड़क का निर्माण एवं प्रधान जी के द्वारा नई बस्ती का निर्माण करवाया गया है| और छोटे-मोटे निर्माण कार्य गाँव में चलते रहते है|

अपेक्षाएँ:
गाँव के लोगों की प्रधान जी से काफ़ी अपेक्षाएँ है जैसे की गाँव की सभी सड़कें पक्की हों, गाँव में शिक्षा के अच्छे स्कूल हों, आने-जाने के साधन हों, अच्छे हॉस्पिटल हों जहाँ सभी प्रकार की सुभिधा उपलब्ध हो ताकि गाँव के लोगों को बाहर ना जाना पड़े| और रोज़गार की भी सुभिधा होनी चाहिए ताकि गाँव के लोग अपने घरों से डोर ना जा कर काम करें और यहीं पर रहे| गाँव में सुरक्षा की उचित व्यवस्था होनी चाहिए|

रोजगार सहायक के कार्य:

  • रोजगार चाहने वालों का आवेदन प्राप्त करना व आवेदन का सत्यापन करना।
  • सत्यापन उपरांत पंजीकरण का कार्य करना।
  • जॉब कार्ड जारी करना
  • पंचायत क्षेत्र में कार्य मांगने वालों के र्आवेदन स्वीकार करना
  • निर्धारित अवधि में कार्य मांगने वालों के आवेदन स्वीकार करना
  • कार्य पर लगे श्रमिकों के लिए मस्ट्रोल संधारण करना
  • ग्राम पंचायत में प्राप्त राशि का लेखा जोखा रखना
  • कार्य पर लगे श्रमिकों के जॉबकार्ड में इंद्राज करना
  • ग्राम सभाओं का आयोजना करना
  • योजनांतर्गत ग्राम पंचायत क्षेत्रों की वार्षिकी योजना तैयार करना
  • वार्षिक कार्य योजना का ग्राम सभा एवं पंचायत से अनुमोदन प्राप्त कार्यक्रम अधिकारी को प्रेषित करना
  • योजनांतर्गत प्रचार प्रसार के लिए मुख्य मुख्य स्थानों पर दीवार पेंटिंग करवाना
  • योजनांतर्गत समस्त प्रकार के रिकॉर्ड का कम्प्यूराईजेशन करवाना
  • निर्धारित अवधि में भुगतान सुनिश्चित करना
  • सूचना के अधिकार के तहत सक्षम स्तर से अनुमोदन उपरांत निर्धारित शुल्क जमा कर सूचना उपलब्ध करवाना
  • सामाजिक अंकेक्षण करवाना
  • अन्य कार्य जो पंचायत स्तर पर योजना के क्रियान्वय हेतू आवश्यक है का संपादन करना।
  • असफल मेटों को हटाकर दूसरे मेटों को लगाना तथा प्रशिक्षण दिलवाना